
मैं भूख हूँ | Main Bhookh Hoon: एक युग - काव्य संहिता (रोटी से राष्ट्र तक की वेदना)
byDr. Avnish Rahi
About the Book
विश्व का प्रथम
त्रि-आयामी गीत–महाग्रंथ
जो पठनीय • श्रवणीय • दर्शनीय है
यह एक जीवित काल–कृति है —
जहाँ भूख बोलती है, मानवता सुनती है और राष्ट्र जाग उठता है।
यह केवल गीतों और कविताओं का संचय नहीं, बल्कि भूख, पीड़ा, करुणा, संघर्ष, शहादत और राष्ट्रचेतना से प्रज्वलित मानवता का महायज्ञ है। यहाँ हर शब्द अग्नि है, हर भाव आहुति है, और हर गीत युग-संवाद है।
इस महायंग्रथ की महा-नायिका "भूख" है—
जो युग-संवादिनी बनकर हर पृष्ठ पर नया रूप धारण करती है
और समय, समाज तथा पाठक—तीनों से संवाद करती है।
"जहाँ भूख है — वहाँ मैं हूँ,
जहाँ मैं हूँ — वहाँ सुलगते प्रश्न हैं।"
— डॉ. अवनीश राही
Golden Book of World Records द्वारा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त
विश्व का प्रथम त्रि-आयामी गीत–महाग्रंथ
त्रि-आयामी गीत–महाग्रंथ
जो पठनीय • श्रवणीय • दर्शनीय है
यह एक जीवित काल–कृति है —
जहाँ भूख बोलती है, मानवता सुनती है और राष्ट्र जाग उठता है।
यह केवल गीतों और कविताओं का संचय नहीं, बल्कि भूख, पीड़ा, करुणा, संघर्ष, शहादत और राष्ट्रचेतना से प्रज्वलित मानवता का महायज्ञ है। यहाँ हर शब्द अग्नि है, हर भाव आहुति है, और हर गीत युग-संवाद है।
इस महायंग्रथ की महा-नायिका "भूख" है—
जो युग-संवादिनी बनकर हर पृष्ठ पर नया रूप धारण करती है
और समय, समाज तथा पाठक—तीनों से संवाद करती है।
"जहाँ भूख है — वहाँ मैं हूँ,
जहाँ मैं हूँ — वहाँ सुलगते प्रश्न हैं।"
— डॉ. अवनीश राही
Golden Book of World Records द्वारा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त
विश्व का प्रथम त्रि-आयामी गीत–महाग्रंथ
