
मीरा कृष्ण की संगीति | Meera Krishan Ki Sangeeti
byDr. Vandana Vadera
About the Book
वंदना जी को उनकी नई पुस्तक के प्रकाशन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ । अपने माता-पिता को समर्पित यह कृति निश्चय ही उनके स्नेह और सम्मान का सुंदर प्रतीक है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस पुस्तक के गीत पाठकों के हृदय को स्पर्श करेंगे । मैं उनकी इस नई कृति की सफलता एवं व्यापक सराहना की कामना करता हूँ। ईश्वर इस सुंदर प्रयास को सफल एवं सार्थक बनाएँ।
—पद्म श्री शंकर महादेवन, प्रसिद्ध भारतीय गायक एवं संगीतकार
मैं वंदना नूं पिछले 25 सालां तों जानदा हां। ओह दिल दी बहुत सोहणी, ज़िंदादिल ते कमाल दी हुनरमंद इंसान ऐ—राइटर, एंकर, सिंगर ते परफ़ॉर्मर, हर रोल विच फुल ऑन! 'मीरा कृषण दी संगीती' लई मेरियां ढेर सारियां शुभकामनावां। रब करे एह किताब हर दिल नूं छू जावे। प्यार ते सतिकार!
— मीका सिंह, भारतीय पॉप गायक व रैपर
“मीरा कृषण की संगीति” में डॉ. वंदना वाडेरा ने अपने मन की संवेदनाओं और दिल के जज़्बातों को बेहद खूबसूरती से शब्दों में ढाला है। यह कविता-संग्रह उनके जीवन के अनुभवों, भावनाओं और सोच की सच्ची अभिव्यक्ति है। डॉ. वंदना, आपको इस खूबसूरत पुस्तक के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ। आपका रचनात्मक सफ़र यूँ ही निरंतर आगे बढ़ता रहे ।
— पेनाज़ मसानी, भारतीय ग़ज़ल गायिका
कुछ पुस्तकें पढ़ी नहीं जातीं, उन्हें जिया जाता है। "मीरा कृषण की संगीति" ऐसी ही एक साधना है। इस कृति की रचना किसी साहित्यिक महत्त्वाकांक्षा से नहीं, बल्कि अंतर्मन में निरंतर गूँजते उस दिव्य स्वर को शब्द देने के लिए की है, जो वर्षों से उनकी चेतना में प्रवाहित होता रहा।
—संदीप मारवाह, कुलाधिपति, एएएफटी मीडिया और कला विश्वविद्यालय
वंदना के संगीतों की यह किताब दिल की भावुक अभिव्यक्ति है, जो सभी आयु वर्ग के लोगों को पसंद आएगी। यह तनाव को कम करने और सकारात्मकता बढ़ाने में भी मदद करेगी।
— शोवना नारायण, प्रख्यात शास्त्रीय कथक विशेषज्ञ
—पद्म श्री शंकर महादेवन, प्रसिद्ध भारतीय गायक एवं संगीतकार
मैं वंदना नूं पिछले 25 सालां तों जानदा हां। ओह दिल दी बहुत सोहणी, ज़िंदादिल ते कमाल दी हुनरमंद इंसान ऐ—राइटर, एंकर, सिंगर ते परफ़ॉर्मर, हर रोल विच फुल ऑन! 'मीरा कृषण दी संगीती' लई मेरियां ढेर सारियां शुभकामनावां। रब करे एह किताब हर दिल नूं छू जावे। प्यार ते सतिकार!
— मीका सिंह, भारतीय पॉप गायक व रैपर
“मीरा कृषण की संगीति” में डॉ. वंदना वाडेरा ने अपने मन की संवेदनाओं और दिल के जज़्बातों को बेहद खूबसूरती से शब्दों में ढाला है। यह कविता-संग्रह उनके जीवन के अनुभवों, भावनाओं और सोच की सच्ची अभिव्यक्ति है। डॉ. वंदना, आपको इस खूबसूरत पुस्तक के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ। आपका रचनात्मक सफ़र यूँ ही निरंतर आगे बढ़ता रहे ।
— पेनाज़ मसानी, भारतीय ग़ज़ल गायिका
कुछ पुस्तकें पढ़ी नहीं जातीं, उन्हें जिया जाता है। "मीरा कृषण की संगीति" ऐसी ही एक साधना है। इस कृति की रचना किसी साहित्यिक महत्त्वाकांक्षा से नहीं, बल्कि अंतर्मन में निरंतर गूँजते उस दिव्य स्वर को शब्द देने के लिए की है, जो वर्षों से उनकी चेतना में प्रवाहित होता रहा।
—संदीप मारवाह, कुलाधिपति, एएएफटी मीडिया और कला विश्वविद्यालय
वंदना के संगीतों की यह किताब दिल की भावुक अभिव्यक्ति है, जो सभी आयु वर्ग के लोगों को पसंद आएगी। यह तनाव को कम करने और सकारात्मकता बढ़ाने में भी मदद करेगी।
— शोवना नारायण, प्रख्यात शास्त्रीय कथक विशेषज्ञ
