
वीरा कहानी संग्रह
byअरविंद कपूर
About the Book
“वीरा कहानी संग्रह” सिर्फ़ कहानियों का संग्रह नहीं, बल्कि उन जज़्बातों की यात्रा है, जो हमारे आसपास रोज़ घटित होते हैं, पर अक्सर शब्द नहीं बन पाते। यहाँ एक ओर है “वीरा” जैसी अडिग आत्मा, जो टूटकर भी खुद को फिर से गढ़ती है… तो दूसरी ओर हैं रिश्तों के वे धागे, जो कभी भरोसे में बदलते हैं, तो कभी भ्रम में उलझ जाते हैं।
कभी माँ का प्रेम मृत्यु की सीमाएँ लाँघ जाता है, तो कभी जीवन के कठोर मोड़ इंसान को खुद से मिलवा देते हैं। कहीं अधूरा प्रेम है, कहीं आत्मसम्मान की लड़ाई… और कहीं अकेलेपन में छिपा हुआ असली ‘किनारा’।
,br> ये कहानियाँ आपको सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए मजबूर करेंगी, क्योंकि इनमें कहीं न कहीं आपका भी एक अंश छिपा है।
अगर आप ऐसी कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं, जो दिल को छूकर सोचने पर मजबूर कर दें… तो यह किताब आपके लिए है।
कभी माँ का प्रेम मृत्यु की सीमाएँ लाँघ जाता है, तो कभी जीवन के कठोर मोड़ इंसान को खुद से मिलवा देते हैं। कहीं अधूरा प्रेम है, कहीं आत्मसम्मान की लड़ाई… और कहीं अकेलेपन में छिपा हुआ असली ‘किनारा’।
,br> ये कहानियाँ आपको सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए मजबूर करेंगी, क्योंकि इनमें कहीं न कहीं आपका भी एक अंश छिपा है।
अगर आप ऐसी कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं, जो दिल को छूकर सोचने पर मजबूर कर दें… तो यह किताब आपके लिए है।
